21 सितंबर 2016

Swatantrata Pukarti स्वतन्त्रता पुकारती - जय शंकर प्रसाद का व्यक्तित्व व कृतित्व

Swatantrata Pukarti 
 स्वतन्त्रता पुकारती 
जय शंकर प्रसाद का व्यक्तित्व व कृतित्व 
हिमाद्रि तुंग शृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती
स्वयं प्रभा समुज्ज्वला स्वतंत्रता पुकारती
'अमर्त्य वीर पुत्र हो, दृढ़- प्रतिज्ञ सोच लो,
प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो!'

असंख्य कीर्ति-रश्मियाँ विकीर्ण दिव्य दाह-सी
सपूत मातृभूमि के- रुको न शूर साहसी!
अराति सैन्य सिंधु में, सुवाड़वाग्नि से जलो,
प्रवीर हो जयी बनो - बढ़े चलो, बढ़े चलो!

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