6.1.19

गांधी की गीता :शैल चतुर्वेदी

                          



गरीबों का पेट काटकर
उगाहे गए चंदे से
ख़रीदा गया शाल
देश (अपने) कन्धो पर डाल
और तीन घंटे तक
बजाकर गाल
मंत्री जी ने
अपनी दृष्टी का संबन्ध
तुलसी के चित्र से जोड़ा
फिर रामराज की जै बोलते हुए
(लंच नहीं) मंच छोड़ा
मार्ग में सचिव बोला-
"सर, आपने तो कमाल कर दिया
आज तुलसी जयंती है
और भाषण गांधी पर दिया।"

मूँछो में से होंठ बाहर निकालकर
सचिव की ओर
आध्यात्मिक दृष्टि डालकर
मंत्री जी ने
दिव्य नयन खोले
और मुस्कुराकर बोले-
"तुलसी और गांधी में
कैसे अंतर?
दोनों ही महात्मा
कट्टर धर्मात्मा
वे सतयुग के
ये कलयुग के
तुलसी ने रामायण लिखी
गांधी ने गीता
तुमने तुलसीकृत
वाल्मीकी रामायण पढ़ी है?
नहीं पढ़ी न!
मुझे भी समय नहीं मिलता
मगर सुना है-
आज़ादी कि रक्षा के लिए