04 मार्च 2010

हम भारत की शान हैं.


बाल गीत-

               
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सीना ताने बढे चलेंगे भारत की संतान हैं.
ऊंचा मस्तक सदा रहेगा हम भारत की शान हैं.


बलिदानों की ज्योति जली है मातृभूमि सम्मान पर.
हंसते-हंसते प्राण निछावर करें राष्ट्र की आन पर.
उलझन खुद शर्मिंदा होगी हिमगिरि से उत्थान पर.
तूफ़ानों के दिल दहलेंगे अनुशासन की बान पर.


विपदा में मुस्काते चेहरे ऐसे वीर जवान हैं.


ऊंचा मस्तक सदा रहेगा हम भारत की शान हैं.


ऊंच-नीच,ऐश्वर्य अभावों की गुत्थी सुल्झाएंगे.
वैज्ञानिक चातुर्य,कला कौशल का ध्वज फ़हराएंगे.

संकट में वीर शिवा राणा प्रताप बन जाएंगे.
भारत को प्राचीन जमाने का गौरव दिलवाएंगे.
कदम बढेंगे हृदय मिलेंगे रुकना मौत समान है.
ऊंचा मस्तक सदा रहेगा हम भारत की शान हैं.

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1 टिप्पणी:

dilip rathore shamgarh ने कहा…

"संकट में हम वीर शिवा, राणा प्रताप बन जाएंगे।" बस इसी भावना और जूनून की जरूरत है नई पीढी के नौजवानों में। अच्छा बाल गीत। होली की शुभ कामनाएं!