03 मार्च 2010

विषमता-डॉ॰दयाराम आलोक

1 टिप्पणी:

rahul rathore ने कहा…

विषमता दुनिया में सभी बुराइयों की जड है। कवि ने इस डिफ़रेन्स को बखूबी उजागर किया है। शुभ कामनाएं!